जहानाबाद: दो ग्रे नेवले अवैध कैद से रेस्क्यू, PETA इंडिया की शिकायत पर POR दर्ज
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20 August 2025
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जहानाबाद – पीपल फॉर द एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ ऐनिमल्स (PETA) इंडिया द्वारा साझा की गई एक शिकायत पर कार्रवाई करते हुए बिहार वन विभाग के जहानाबाद वन प्रमंडल ने दो ग्रे नेवलों (Urva edwardsii) को अवैध कब्जे और जंजीरों से मुक्त कराया। एक जागरूक नागरिक द्वारा भेजे गए वीडियो में देखा गया कि इन नेवलों को, जो कि “वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972” की अनुसूची-I के तहत संरक्षित प्रजाति हैं – उन्हें ज़ंजीर से बांधकर रखा गया था। वन विभाग ने तुरंत प्राथमिक अपराध प्रतिवेदन (POR) दर्ज किया और इन पशुओं को ज़ब्त किया। नेवलों को रेस्क्यू करने के बाद उनका चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया और फिर उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।
जिन हालातों में नेवले रखे गए थे और फिर रिहा किए गए – उनके वीडियो मांगे जाने पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
गौरतलब है कि अनुसूची-I में शामिल किसी भी प्रजाति के खिलाफ अपराध करने पर कम से कम तीन साल की जेल, जिसे बढ़ाकर सात साल तक किया जा सकता है, और कम से कम ₹25,000 का जुर्माना तय है।
PETA इंडिया की क्रुएल्टी रिस्पॉन्स कोऑर्डिनेटर सिंचना सुब्रमण्यन कहती हैं, “हम श्री शशिकांत कुमार, IFS, वन प्रमंडल पदाधिकारी, जहानाबाद, को त्वरित कार्रवाई और इन पशुओं को रेस्क्यू करवाने के लिए धन्यवाद देते हैं। यह संदेश स्पष्ट है कि पशुओं के प्रति क्रूरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। PETA इंडिया सभी संवेदनशील नागरिकों से अपील करता है कि किसी भी पशु, विशेषकर वन्यजीवों, के साथ हो रहे अत्याचार को नजरअंदाज न करें और तुरंत पुलिस या वन विभाग को रिपोर्ट करें।“
पशुओं को पिंजरे में कैद करना या जंजीरों से बांधना उनके लिए अत्यधिक तनाव, डर और मानसिक पीड़ा का कारण बनता है। ऐसी कैद उनकी स्वाभाविक गतिविधियों, चलने-फिरने की आज़ादी और मानसिक रूप से सक्रिय रहने की ज़रूरतों को छीन लेती है। अपने प्राकृतिक आवास से जबरन दूर किए जाने पर भारतीय ग्रे नेवले जैसे वन्य पशु शारीरिक रूप से कमजोर पड़ते हैं और गहरा मानसिक आघात झेलते हैं।
PETA इंडिया इस सिद्धांत में विश्वास रखता है कि “पशु मनुष्यों के मनोरंजन हेतु प्रयोग होने या दुर्व्यवहार सहने के लिए नहीं हैं”, प्रजातिवाद का विरोध करता है। प्रजातिवाद एक ऐसी धारणा है जिसके तहत इंसान स्वयं को इस संसार में सर्वोपरि मानकर, अपनी जरूरतों के अनुसार अन्य प्रजातियों का इस्तेमाल एवं शोषण करता है। अधिक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट PETAIndia.com पर जाएँ और हमें X, Facebook, Facebook हिन्दी, तथा Instagram पर फॉलो करें।
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