मानुषी छिल्लर एवं सुनील छेत्री बने PETA इंडिया होटेस्ट वेजिटेरियन 2019
हर वक्त पशुओं के प्रति दया एवं करुणा का जज्बा दिखने एवं अपने प्रशंसकों को लिए प्रेरणा बनने के लिए, पूर्व मिस वर्ल्ड मानुषी छिल्लर तथा सुनील छेत्री को जनता ने वोट देकर PETA इंडिया के 2019 हॉटेस्ट वेजिटेरियन सेलेब्रिटी के रूप में चुना है। छिल्लर खुद को ऊर्जावान, फिट और स्वस्थ रखने के लिए ताजे फल, सब्जियां, अनाज और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों का ही सेवन करती हैं जबकि छेत्री पशु-मुक्त भोजन को तरजीह देते हैं वह मानते हैं की इसके सेवन से “रिकवरी और पाचन” में सुधार होता है, उन्हें अपने खेल में सबसे ऊपर और फिट बनाए रखने का वो सारा श्रेय पशु मुक्त भोजन को ही देते हैं।
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Photo Credit: Signe Vilstrupछिल्लर और छेत्री एक स्वस्थ एवं फिट जीवनशैली जी रहे हैं और यह इस बात का प्रमाण है कि वीगन भोजन हमारे स्वास्थ्य के लिए अच्छा है व यह जानवरों के लिए भी फायदेमंद है। PETA इंडिया उन्हें पर्यावरण तथा जानवरों के अनुकूल भिजन का चुनाव करने तथा अपने प्रशंसकों को भी ऐसा करने के लिए प्रोत्साहित करने के लिए सम्मानित कर रहा है।
जैसा कि हमारे वीडियो “ग्लास वॉल्स” में सामने आया है कि भारत में भोजन के लिए मारे जाने वाले पशु एक-एक कर अपनी आँखों के सामने अपने साथी पशुओं को कटते हुए देखते हैं। गायों और भैंसों को इतनी अधिक तादाद में वाहनों में भरकर कत्लखानों तक पहुंचाया जाता है कि वहाँ तक पहुँचने से पहले ही उनकी हड्डियाँ टूट जाती हैं, मौत के डर से बचकर भागते चीखते चिल्लाते सूअर के दिल में छोरा भोंक कर उसे मार दिया जाता है, भोजन के लिए पकड़ी जाने वाली मछलियों को समुद्र से निकाल कर नौकाओं की डेक पर फेंक दिया जाता है जहां पानी के बिना वो दम घुटने से तड़फ तड़फ कर मर जाती हैं या सचेत अवस्था में रहते हुए उनके अंग काट दिये जाते हैं।
माँस खाने से बड़े पैमाने पर जानवरों को तो पीड़ा मिलती ही है साथ ही साथ मांस खाने से हृदय रोग, दौरा, मधुमेह, कैंसर और मोटापे से पीड़ित होने का जोखिम भी अधिक होता है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट ने यह निष्कर्ष निकाला है कि जलवायु परिवर्तन के भीषण परिणामों का मुक़ाबला करने के लिए वीगन भोजन की दिशा में एक वैश्विक बदलाव आवश्यक है।